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खगड़िया

एक्शन मोड में खगड़िया डीएम : मानसी, परबत्ता और गोगरी में औचक निरीक्षण, अधिकारियों में मचा हड़कंप

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लाइव खगड़िया : जिले में सरकार की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में है। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने मानसी, परबत्ता, गोगरी एवं चौथम प्रखंडों में संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का औचक निरीक्षण किया। डीएम के इस औचक दौरे से संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया और कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।

योजनाओं की बारीकी से जांच

जिलाधिकारी ने न केवल कागजी आंकड़ों को देखा, बल्कि खुद फील्ड में उतरकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उनके निरीक्षण के दायरे में निम्नलिखित मुख्य क्षेत्र रहे:
आंगनबाड़ी केंद्र: डीएम ने बच्चों को मिलने वाले पोषाहार, उपस्थिति पंजी और साफ-सफाई की जांच की। उन्होंने सेविकाओं को सख्त निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में कोई कोताही न बरती जाए।
शिक्षा व्यवस्था: सरकारी विद्यालयों में पहुंचकर डीएम ने क्लासरूम में बच्चों से सवाल पूछे और शिक्षा की गुणवत्ता जांची। शिक्षकों की उपस्थिति और मध्यान्ह भोजन (MDM) की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया।
PDS (राशन दुकान): जन वितरण प्रणाली की दुकानों पर पहुंचकर जिलाधिकारी ने स्टॉक रजिस्टर खंगाला और लाभुकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट कहा— “गरीबों के राशन से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।”
नल-जल योजना: जलापूर्ति की स्थिति देखते हुए डीएम ने तकनीकी खराबियों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए ताकि आम जनता को पेयजल के लिए परेशान न होना पड़े।
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जिलाधिकारी का कड़ा संदेश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी नवीन कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को जवाबदेही का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि
“प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। योजनाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

प्रशासनिक टीम की मौजूदगी

निरीक्षण अभियान के दौरान जिलाधिकारी के साथ जिले के आला अधिकारियों की टीम मौजूद रही, जिनमें मुख्य रूप से श्वेता भारती (उप विकास आयुक्त), आरती (अपर समाहर्ता),
विजयंत कुमार (अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन) आदि शामिल थे।

ग्रामीणों में जगी उम्मीद

प्रशासन की इस सक्रियता से आम ग्रामीणों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह जिला स्तर के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करते रहें, तो सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हकदारों तक बिना किसी रुकावट के पहुंच सकेगा।

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