लाइव खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : कहते हैं कि अगर प्यार सच्चा हो, तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा बुधवार को जिले के परबत्ता प्रखंड मुख्यालय स्थित शिव मंदिर परिसर में देखने को मिला। यहाँ एक प्रेमी युगल ने तमाम सामाजिक बंदिशों और पारिवारिक हिचकिचाहट को पीछे छोड़ते हुए भगवान शिव को साक्षी मानकर एक-दूसरे का हाथ थाम लिया।
पाँच साल का इंतज़ार और अटूट जिद
यह कहानी नगर पंचायत परबत्ता के मोजाहिदपुर की है। गांव के ही रितेश कुमार और लक्ष्मी कुमारी के बीच पिछले पांच वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। समय के साथ उनका रिश्ता इतना परवान चढ़ा कि दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं। हालांकि, राह इतनी आसान नहीं थी; परिजनों ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन प्यार की जिद के आगे हर दलील फीकी पड़ गई।
थाने से मंदिर तक का सफर
बुधवार को इस प्रेम कहानी ने एक नया मोड़ लिया। प्रेमी युगल सीधे प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और पुलिस को आवेदन देकर शादी करने की गुहार लगाई। पुलिस ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल दोनों पक्षों के परिजनों को बुलाया। घंटों चली बातचीत और आपसी समझाइश के बाद आखिरकार परिजनों ने इस रिश्ते पर अपनी रजामंदी की मुहर लगा दी।
शिव मंदिर में गूंजी शहनाई, उमड़ा जनसैलाब

सहमति मिलते ही मंदिर परिसर उत्सव के माहौल में बदल गया। स्थानीय लोगों और परिजनों की मौजूदगी में:
- रितेश ने पूरे रस्मों-रिवाज के साथ लक्ष्मी की मांग भरी।
- हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने इस अनोखी शादी का गवाह बनते हुए नवदम्पति पर आशीर्वाद बरसाया।
- भीड़ के बीच जहां खुशी का माहौल था, वहीं परिजनों की आंखों में थोड़ी भावुकता और भविष्य को लेकर हल्की चिंता भी दिखी।
“जब बच्चे खुश, तो हम भी खुश”
दोनों पक्षों के पिताओं ने बड़े ही व्यावहारिक अंदाज में इस शादी को स्वीकार किया। उन्होंने कहा:
”हमने कई बार उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब दोनों बालिग हैं और एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते, तो उनकी खुशी में ही हमारी खुशी है।”
बहरहाल यह शादी इलाके में चर्चाओं के केंद्र में है। रितेश और लक्ष्मी की इस कहानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जहाँ चाह होती है, वहाँ राह मिल ही जाती है।






