लाइव खगड़िया : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने आज एक ही दिन में दो बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। ब्यूरो की टीमों ने भागलपुर और वैशाली जिले में जाल बिछाकर कुल तीन सरकारी कर्मचारियों को हजारों रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
1. भागलपुर: अनुमंडल कार्यालय में ‘दोहरी सफलता’
भागलपुर के अनुमंडल कार्यालय (सदर) में निगरानी की टीम ने एक साथ दो कर्मियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेम कुमार (स्टेनो) और मयंक कुमार (लिपिक/क्लर्क) के रूप में हुई है।
- रिश्वत की राशि: 70,000 रुपये।
- मामला: परिवादी अभिजीत कुमार (प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, नाथनगर) से उनकी सेवा संपुष्टि (Service Confirmation) संबंधी फाइल को आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी।
- कार्रवाई: पुलिस उपाध्यक्ष विन्ध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में गठित धावा दल ने कार्यालय कक्ष से ही दोनों को पैसे लेते गिरफ्तार कर लिया।
2. वैशाली: केस डायरी में मदद के नाम पर दारोगा गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई वैशाली जिले के पातेपुर थाना परिसर में हुई। यहाँ निगरानी की टीम ने पुलिस अवर निरीक्षक (SI) अखिलेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया।
- रिश्वत की राशि: 15,000 रुपये।
- मामला: परिवादी चंदन कुमार से केस डायरी में मदद करने और अभियुक्त का नाम केस से निकालने के नाम पर पैसों की मांग की गई थी।
- कार्रवाई: पुलिस उपाध्यक्ष सतेन्द्र राम के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए दारोगा को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों पकड़ा।
आगे की प्रक्रिया
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, दोनों ही मामलों में शिकायतों के सत्यापन के बाद जाल बिछाया गया था। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद संबंधित जिलों (भागलपुर और मुजफ्फरपुर) की विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। ब्यूरो इस मामले में आगे की जांच कर रहा है ताकि भ्रष्टाचार के इस सिंडिकेट की गहराई का पता लगाया जा सके।






