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खगड़िया

आर्म्स एक्ट के मामले में दो को तीन -तीन साल की सजा

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लाइव खगड़िया : बिहार पुलिस के ‘जन विश्वास संकल्प’ के तहत पुलिस को अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट से सजा दिलवाने में सफलता मिली है। त्वरित विचारण (Speedy Trial) और प्रभावी अभियोजन के चलते न्यायालय ने शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के एक मामले में दो दोषियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

मामले का संक्षिप्त विवरण

मामला मोरकाही थाना कांड संख्या 69/2024 से जुड़ा है, जो 06 जून 2024 को दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट और पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर, आज( 25 मार्च 2026) को अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (प्रथम), खगड़िया की अदालत ने अपना फैसला सुनाया।

दोषी करार

​सजा पाने वाले अभियुक्तों के नाम निम्नलिखित हैं:

  1. मजुर आलम, (साकिन- इटहरी, थाना- गोगरी)
  2. मसूद आलम, (साकिन- माड़र दक्षिणी, थाना- मोरकाही)

क्या सुनाई गई सजा?

​न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाते हुए सजा का निर्धारण किया:

  • सजा: दोनों दोषियों को 03 साल का कठोर कारावास।
  • आर्थिक दंड: 3,000 रुपये का जुर्माना। जुर्माना न भरने की स्थिति में 03 माह के अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान।
  • अन्य प्रावधान: धारा 26/35 शस्त्र अधिनियम के तहत भी 03 साल की सजा और जुर्माना सुनाया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

पुलिस और अभियोजन की भूमिका

मामले में खगड़िया पुलिस की त्वरित जांच और गवाही अत्यंत महत्वपूर्ण रही। बताया जाता है कि सजा दिलवाने में अभियोजन पदाधिकारी पल्लवी कुमारी की अहम भूमिका रही, जिनके प्रभावी तर्कों के कारण दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सका।

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