लाइव खगड़िया : जिले में समाहरणालय परिसर में जबरन घुसकर हंगामा करने और एक संवेदनशील मामले की पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 82 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
क्या है पूरा मामला?
खगड़िया पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बीते 8 जनवरी 2026 को कुछ असामाजिक तत्वों ने महिलाओं और युवाओं की भीड़ इकट्ठा कर समाहरणालय परिसर में विरोध प्रदर्शन के नाम पर जमकर हंगामा किया। भीड़ ने न केवल सुरक्षा बलों के काम में बाधा डाली, बल्कि प्रतिबंधित क्षेत्र में जबरन प्रवेश भी किया।
कानून का उल्लंघन और पीड़िता की पहचान
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने एक आपराधिक मामले की पीड़िता का नाम और फोटो सार्वजनिक कर दिया। यह कृत्य पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 23 और भारतीय नागरिक संहिता की धारा 72 का गंभीर उल्लंघन है। कानूनन किसी भी यौन अपराध की पीड़िता की पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध है।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-1), चित्रगुप्तनगर और खगड़िया थाना प्रभारियों ने मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित कर परिसर से बाहर निकाला। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्य के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की गई।
दर्ज मामले और गिरफ्तारियां
चित्रगुप्तनगर थाना में कांड संख्या 05/26 दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।






