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खगड़िया

बेजुबानों की सेवा में अब सरकार, एम्बुलेंस के तर्ज पर पशुओं के लिए दौड़ रहा मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट

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लाइव खगडिया (मुकेश कुमार मिश्र) : लोगों के स्वास्थ्य सहायता के लिए जिस तरह एम्बुलेंस सेवा 102/108 और पुलिस सहायता के लिए 100/112 नंबर शुरू किए गए हैं, उसी तर्ज पर अब राज्य सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त पहल पर पशुओं के इलाज के लिए भी मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट सेवा की शुरुआत की गई है. मिली जानकारी के अनुसार बिहार के सभी 38 जिलों के 534 ब्लॉक में यह सेवा उपलब्ध कराई गई है. इस सेवा के तहत किसानों को अब पशुओं के इलाज के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है, उन्हें बस टोल फ्री नंबर 1962 पर डायल करना है और उन्हें सहायता मिल जायेगी.

टोल फ्री नंबर पर कॉल करने के बाद किसान को अपनी समस्या बतानी होगी, जिसके बाद आवश्यकता अनुसार नजदीकी वाहन को मौके पर भेजा जाएगा. बताया जाता है कि मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट एक चलता-फिरता पशु चिकित्सालय है, जो सीधे किसान के दरवाज़े पर पहुंचकर उनके पशु का नि:शुल्क इलाज करती है. ध्यान रहे कि यह आपातकालीन सुविधा है, इसमें सिर्फ आपातकालीन जरूरत की दवाइयां उपलब्ध रहती है. वहीं चिकित्सक और पारावेट द्वारा निःशुल्क सेवा दी जाएगी और उपलब्ध दवाइयों जरूरत के अनुसार दी जाएगी.

आमजन के बीच इस सेवा की जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक प्रखंड में प्रतिदिन दो गांवों में निशुल्क पशु चिकित्सा कैंप भी लगाए जा रहा है. शिविरों का संचालन ब्लॉक स्तर पर नियुक्त पशुपालन पदाधिकारी की देखरेख में किया जाता है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस सेवा का लाभ मिल सके. उक्त जानकारी 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट परियोजना के रीजनल मैनेजर अभिमन्यु मिश्रा ने खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड में निरीक्षण के दौरान दी. मौके पर पशु चिकित्सक डॉ. राहुल, वाहन चालक मुकेश कुमार और पारावेट नीरज कुमार भी उपस्थित थे.

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