लाइव खगड़िया : “पटना उच्च न्यायालय के द्वारा बिहार में किये जा रहे जाति आधारित गणना के खिलाफ दायर सभी पीआईएल खारिज कर सरकार की दलीलों को सही करार देते हुए जाति आधारित सर्वे को जारी रखने का फैसला स्वागत योग्य है.” यह बातें जिला जदयू कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जदयू के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता व विधान पार्षद् नीरज कुमार ने कही. वहीं उन्होंने कहा कि आजादी के लम्बे समय गुजर जाने के बावजूद समाज व देश के अन्दर कहीं ना कहीं विभिन्न प्रकार का जातिय भ्रम कायम है और इसी भ्रम को तोड़कर जातिय संख्यानुपात में वंचित और कमजोर जातियों को बेहतर सुविधा व सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की नियत से दूरदर्शी चिंतक, विचारक और समाज सुधारक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र की बीजेपी सरकार की विरोधाभास के बावजूद बिहार सरकार के कोष से राज्य में जाति आधारित गणना शुरू कराया था और करीब 80 प्रतिशत तक कार्य हो भी चुका है. इसी बीच भाजपा के इशारे पर तथाकथित सर्वे विरोधी ने पटना हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर दिया. जिससे गणना कार्य कुछ दिन के लिए प्रभावित रहा. लेकिन मंगलवार को हाईकोर्ट ने जाति आधारित गणना को निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं बल्कि कानून सम्मत ठहराते हुए इसे जारी रखने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया.
वहीं जदयू के जिला अध्यक्ष बबलू कुमार मंडल ने पटना हाईकोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जाति आधारित गणना से समाजवादी और लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम करने का मूल मकसद पूरा किया जा सकता है.
मौके पर पार्टी के प्रदेश महासचिव साधना देवी सदा, जिला प्रवक्ता अरविन्द मोहन, जिला उपाध्यक्ष शंभू झा, राजकुमार फोगला, पंकज कुमार पटेल, उमेश सिंह पटेल, मक्खन साह, मानसी प्रखंड अध्यक्ष राजनीति प्रसाद सिंह, नगर अध्यक्ष जितेन्द्र पटेल, जिला महासचिव सावन कुमार, छात्र अध्यक्ष सिद्धांत छोटू ,अविनाश पासवान, मदन वर्मा, कमल कुमार पटेल, राजीव ठाकुर आदि उपस्थित थे.
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