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पांच दिवसीय झूलनोत्सव से खजरैठा में बह रही हैं भक्ति की गंगा

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लाइव खगडिया (मुकेश कुमार मिश्र) : जिले के परबत्ता प्रखंड के खजरैठा पंचायत के खजरैठा गांव स्थित अतिप्राचीन भगवान श्रीराम मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय झूलनोत्सव में भक्ति की गंगा बह रही है. वहीं संगीत कलाकार नरेन्द्र झा उर्फ मंटू महंत प्रसंग के साथ भक्ति संगीत के गायन से श्रोतागण को झूमने पर मजबूर कर रहे हैं. रात्रि में कजरी गीत  ‘रसिया चलो कदम तर झूले आई बदरिया कारी न…राम लाला झूले लखन लाला झूले सिया सुकुमारी झूले होले – होले जैसे गीतों  पर श्रोतागण झूम उठ रहो हैं.

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वहीं श्रद्धा एवं भक्ति के झूले के पालनें पर विराजमान भगवान को बारी बारी से झूला रहे हैं. मंदिर के गर्भ गृह को प्रत्येक दिन रंग-बिरंगे फूलों की पंखुड़ियों से सुसज्जित किया जाता है. जिससे ग्रामीण इलाके में आज भी सनातन धर्म की अनुपम छटा देखने को मिल रही है. मंदिर परिसर में आयोजित भजन संध्या में ‘जरा झूलो न लाला हमारे संग, तुम प्रीतम हम प्यारी बनी, तुम दीपक मेरे नैना पतंग, जरा झूलो न लाला हमारे संग ‘ जैसे भक्ति संगीत पर श्रोतागण ने जमकर तालियों बजाईं. 

खजरैठा में सदियों से चली आ रही परंपरा आज भी बरकरार है और झूलनोत्सव में ग्रामीण बढ़-चढ हिस्सा लेते हैं. प्रत्येक दिन मंदिर में विशेष पूजन के साथ भगवान के लिए महाभोग लगाया जाता हैं. साथ ही भक्त जनों के बीच प्रसाद का वितरण किया जाता है. पांच दिवसीय झूलनोत्सव कार्यक्रम का समापन 22 अगस्त को होगी. उस दिन रात्रि में प्रत्येक घर से  रंग बिरंगे पकवान, मिठाई, फल  आदि भगवान के भोग में शामिल होगा. साथ ही विशेष पूजन किया जाएगा. झूलनोत्सव कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में माहौल भक्तिमय हो चुका है.

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भगवान श्री राम मंदिर का इतिहास



खजरैठा गांव का भगवान श्री राम मंदिर अति प्राचीन है. पूर्व जिला परिषद सदस्य पंकज कुमार राय , चन्द्र भूषण राय आदि  ने बताया है कि हमारे पूर्वज स्व गोपाल राय के द्वारा विक्रम संवत 1969  ई० में भगवान श्री राम मंदिर का स्थापना किया गया था. इस क्रम में अयोध्या से आए हुए पंडित राम दास जी के द्वारा  प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ था. लेकिन सन्  1957 ई० में गंगा की गोद में मंदिर सहित गांव विलिन हो गया. जिसके बाद पुन: स्व छेदी प्रसाद राय एवं स्व लक्ष्मी नारायण राय ने मंदिर का भवन निर्माण कर पूजा प्रारंभ किया. मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित भगवान श्री राम, लक्ष्मण,vजानकी, हनुमान ,  लक्ष्मी नारायण, भगवान विष्णु, भगवान सालीग्राम की प्रतिमा लोगों के आस्था का केन्द्र बना हुआ हैं.

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