मुख्य सामग्री पर जाएं
Recent

बर्बाद फसल के मुआवजे की मांग को लेकर खेत-खलिहानों में किसानों का धरना

IMG 20210605 WA0014




लाइव खगड़िया (मनीष कुमार) ; बिहार किसान मंच के आह्वान पर रविवार को फसल सहायता राशि सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने अपने-अपने खेत-खलिहान व घर के दरवाजे पर धरना दिया. इस दौरान किसान विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह टुडू ने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार एक साल से किसानो के फसल सहायता के आवेदन की जांच ही नहीं करा सकी है. इस बीच चक्रवात यास तूफान किसानों के लिए एक नई आफत बनकर आ गई. वहीं उन्होंने कहा कि कि सरकार यदि गंभीर रहती तो अबतक वर्ष 2020 के फसल सहायता राशि के लिए जिले के 13 हजार सहित प्रदेश को 23 लाख किसानो का भौतिक जाँच हो गया रहता. इधर यास तूफान से बिहार में लगभग 30 लाख हेक्टेयर में लगी फसल को क्षति हुई है. जिसमें से लगभग 2 लाख हेक्टेयर फसल को जिले में भी भारी नुक्सान पहुंचा है. लेकिन कृषि विभाग भौतिक सत्यापन कागज पर ही करता हुआ प्रतित हो रहा है. 


इधर बिहार किसान मंच के उपाध्यक्ष सूर्य नारायण वर्मा ने कहा कि सरकार के द्वारा गेहूं खरीद का लक्ष्य 7 लाख मेट्रिक टन रखा गया है. जबकि अभी तक 2 लाख मेट्रिक टन भी खरीद नहीं हो सका है. जबक् जिले मे 9800 मेट्रिक टन के जगह 2 हजार मेट्रिक टन भी खरीद नहीं हो सका है. जबकि 15 जून को खरीद का समय भी समाप्त हो जायेगा. दूसरी तरफ किसान नेता अनिल कुमार यादव, अशोक कुमार यादव ने यास तूफान  से हुई फसलो की क्षति पर 50 हजार प्रति एकड़ मक्का पर एवं 70 हजार प्रति एकड़ फल व सब्जियों पर मुआवजा देने की मांग सरकार से की.

BannerMaker 21122020 135916

धरना कार्यक्रम में बिपिन सिंह, मुकेश सिंह, अजीत यादव, बिनोद कुमार, शशि प्रसाद यादव, राजेश निराला, बीरेंद्र यादव, नागेश्वर चौरसिया, मो शदुल्ला, रामबिलास सिंह, गंगा सागर पंडित, विवेका नंद पंडित, रिकेश कुमार, निरंजन सिंह, जितेंद्र यादव, निर्मल आजाद, ललिता देबी, काला देबी, रीता देबी, आशा देबी मैंनी कुमारी आदि शामिल हुए.

शेयर करें
शेयर
error: Content is protected !!