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खानकाह-ए-फरिदीया जोगिया शरीफ की अपील, रमजान से पूर्व करें जकात की अदायगी

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लाइव खगड़िया : कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन के बीच जिले के अलौली प्रखंड स्थित खानकाह-ए-फरिदीया जोगिया शरीफ के पीर बाबा सह गौसिया जामा मस्जिद के इमाम बाबू मोहम्मद सईंदैन फरिदी ने कहा है कि पवित्र रमजान का महीना 25 या 26 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है और मुसलमानों से शुरुआती हफ्ते का रोजा लॉकडाउन के बीच होने से तरावीह की नमाज से लेकर बांकी इबादत भी अपने-अपने घरों से करने की अपील है. इमाम मौलाना बाबू सईंदिन फरिदी ने कहा है कि मुल्क में लॉकडाउन के चलते लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और इस वक़्त गरीब, मज़लूम, यतीमों और बेवाओं को दवा, राशन व रुपए की सख्त जरूरत है. ऐसे मेंं लोग मुक़द्दस माह रमज़ान का इंतज़ार न करते हुए हक़दारों तक राशन या रकम पहुंचा दें. क्योंकि ज़कात निकालने का सबसे मुनासिब वक़्त यही है और ज़कात के अलावा सदका और खैरात भी दिल खोलकर अदा करें. उन्होंने कहा है कि अल्लाह को पोशीदा (छिपी हुई) इबादत पसंद है. इसलिए गरीबों की मदद करते वक़्त रियाकारी (दिखावा) हरगिज़ न करें. साथ ही उन्होंने अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने की अपील किया है और घर में रह कर ही रब की इबादत करने का आह्वान किया है.

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मौलाना बाबू सईंदैन फरिदी ने कहा है कि फिलहाल जो लोग मस्जिद में ही रह रहे हैं इफ्तारी भी सिर्फ उन्हीं के लिए भेजें. साथ ही कहा गया है कि रमजान के महीने में जो लोग हर साल मस्जिद में इफ्तारी भेजते थे, वे इस साल इसे मस्जिद के बजाय जरूरतमंदों के घर भेंजे. साथ ही रमजान में इफ्तार पार्टियों में खर्च होेने वाले रकम को गरीबों के बीच राशन के लिए बांट देने की अपील की गई है. साथ ही मौलाना ने मुसलमान से रमजान में और खासकर इफ्तार के वक्त कोरोना से मुक्ति के लिए खास दुआ करने की अपील करते हुए कहा है कि रोजेदार इस बात को सुनिश्चित करें कि रमजान के मुबारक महीने में कोई भी इंसान भूखा ना रहे.

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