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खगड़िया : आशा व उम्मीद की नई किरण, नये डीएम ने ग्रहण किया पदभार

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लाइव खगड़िया : जिले के नये जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने शुक्रवार को अपना पदभार ग्रहण करने के उपरांत जिलाधिकारी कक्ष में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि खगड़िया एक विकासशील जिला है, जो विकास के क्षेत्र में प्रदेश के अन्य जिलों से अग्रणी नहीं रहा है. साथ ही इस जिला को आकांक्षी जिला घोषित किया गया. ऐसे में सरकार की सात निश्चय योजनाओं को जिले में सही तरीके से क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता होगी. साथ ही जिले में शिक्षा व स्वास्थ्य संबंधित योजना को भी प्राथमिकता को तौर पर लिया जायेगा.




मौके पर जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा की दृष्टिकोण से भी खगड़िया एक संवेदनशील जिला है और इस दिशा में प्रशासन सदैव सजग रहेगी. जबकि अतिक्रमण जैसे मामले पर भी चरणबद्ध व योजनाबद्ध तरीके से काम किया जायेगा. साथ ही उन्होंने जिले के विभिन्न पहलूओं को समझने में कुछ वक्त लगने की बातें कहते हुए बताया कि अगले दो-तीन दिनों में जिले के विभिन्न प्रखंडों का भ्रमण कर वहां की समस्याओं को समझने का प्रयास किया जायेगा और उसी आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जायेगी. जिसके उपरांत एक कार्य योजना तैयार कर उसको क्रियान्वयन करने की पहल की जायेगी. वहीं उन्होंने भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो जीरो टॉलरेंस नीति के क्रियान्वयन और जरूरत पड़ने पर संबंधित पर कार्रवाई करने का जिलेवासियों को आश्वासन दिया.

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मौके पर डीडीसी राम निरंजन सिंह, सदर एसडीओ धर्मेन्द्र कुमार, गोगरी के एसडीओ सुभाष चन्द्र मंडल, डीटीओ पुरूषोत्तम कुमार, डीएसओ आदित्य कुमार पियूष सहित जिले के कई अधिकारी मौजूद थे.

सोशल साइट से मिली जानकारी पर भी करते हैं पहल

बात बीते वर्ष की है जब आलोक रंजन घोष मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी थे. उस दिन सावन की अंतिम सोमवारी एवं बकरीद भी था. जिसे लेकर जिला प्रशासन काफी सतर्क थी और साथ ही प्रशासन की अफवाह फैलाने वालों पर भी पैनी नजर थी. इसी बीच एक गैर-प्रशासनिक वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से तत्कालीन डीएम आलोक रंजन घोष को मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में 5 लोगों के जख्मी होने की खबर मिलती है. जिसपर डीएम 4 मिनट के अंदर संज्ञान लेते हुए ग्रुप पर ही घटना की विस्तृत जानकारी लेते हैं और प्रशासनिक सहायता के लिया पूछते हैं.




दरअसल घटना कुछ यूं थी कि डीजे वाहन पर सवार होकर कुछ श्रद्धालु सावन की अंतिम सोमवारी में बाबा को जल चढ़ाने जा रहे थे. इसी क्रम में डीजे की माइक का संपर्क बिजली के तार से हो गया. जिससे वाहन पर सवार लोग भी करंट की चपेट में आ गये. हलांकि करंट का झटका मामूली था और घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. बावजूद इसके सोशल साइट के माध्यम से मिली जानकारी पर डीएम का यूं त्वरित रूप से संज्ञान लेना उनकी कार्यशैली को इंगित करता है. बहरहाल नवपदस्थापित जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष से जिलेवासियों को एक नई आशा व उम्मीदें हैं और वो उस पर कितने खड़े उतरते हैं, यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा.


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