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सिद्ध अष्टाक्षरी महामंत्र ‘बाबा नाम केवलं’ आज भी प्रासंगिक : डॉ. हरिबोल

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लाइव खगड़िया : जिले के पसराहा थाना के छोटी बंदेहरा में शुक्रवार को आनंद मार्ग इकाई सेवा धर्म मिशन के द्वारा हरिपरिमण्डल गोष्टी का आयोजन किया गया. वहीं स्थानीय सिकन्दर यादव की पुत्री कोमल कुमारी के प्रथम नव शिशु जन्मोत्सव पर मीरा देवी के नेतृत्व में अष्टाक्षरी सिद्ध महामंत्र “बाबा नाम केवलं” का छह घंटे का अखंड कीर्तन सह नामकरण तत्व सभा का आयोजन किया गया. तत्व महासभा में आनंद मार्ग के कई मतावलंबियों ने अपने-अपने विचारों को रखा. इस क्रम में डॉ. हरिबोल जी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के कीर्तन में हरे राम, हरे कृष्ण, सीता राम, राधे-राधे, हरे भोला-हरे भोला जैसे कई मंत्र उपलब्ध हैं. बावजूद इसके आंनद मार्ग के सिद्ध अष्टाक्षरी महामंत्र “बाबा नाम केवलं” आज भी प्रासंगिक है. इसी मंत्र के अखंड जाप करने से मानव का कल्याण होता है.




जबकि आचार्य हरियुक्तानंद अवधूत ने कबीर के दोहे “भूखे भजन न होत गोपाला, ले लो अपनी कंठी माला” की व्यख्या करते हुए बताया कि महात्मा कबीर को अपने जीवन काल मे अनुभूति हुई कि जब तक मानव समाज को उनके गुण के आधार पर भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा और चिकित्सा जैसी न्यूनतम आवश्यकता की पूर्ति नही होती है तब तक हरि भक्ति असंभव है.

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शवहीं प्रभात रंजन सरकार ने वर्तमान युग में प्र.उ.त. के सिद्धांत के माध्यम से मनुष्य मात्र के जीवन की न्यूनतम आवश्यकता की पूर्ति हेतु भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा और दवाई की व्यवस्था जैसा समाधान बताया. कार्यक्रम की समाप्ति के उपरांत नारायण सेवा भोज का भी आयोजन किया गया. इस क्रम में भूखे, गरीब व लाचार को भोजन करा कर वस्त्र दान किया गया. मौके पर आचार्य हरितानंद अवधूत, वीरेंद्र देव, तेजबहादुर सिंह, सकलदेव जी, अनिल जी, मीरा दीदी, उषा दीदी, मधु माला दीदी, मंगला दीदी , सुनीता दीदी, प्रेमा दीदी, डा.प्रीतम भारती,  डा. धमॅन्द्र आदि उपस्थित  थे.


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