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खेत में कुदाल चला कृषि कार्य में परिवार को सहयोग कर रही बेटियां

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लाइव खगड़िया (मनीष कुमार) : “मुझको मेरा हक दो पापा, बहुत कुछ कर दिखलाउंगी…लेने दो खुली हवा में सांसें, बेटे से ज्यादा फर्ज निभाउंगी”…

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किसी कवि की इन पंक्तियों को चरितार्थ कर रही हैं जिले की बेटियां. समाज में कई ऐसे उदाहरण हैं, जिसने साबित किया है कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं हैं. बात चांद पर कदम रखने की हो या फिर खेतों में काम करने का, वो हर क्षेत्र में पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहीं हैं. यह बात अलग है कि आज भी वर्षों पुरानी सोच में बहुत बदलाव नहीं आया है और समाज में बेटा-बेटियों में भेदभाव साफ दिख जाता है. 


तस्वीर जिले के परबत्ता प्रखंड के करना से कुल्हड़िया गांव जाने वाली सड़क के समीप की है. जिसे शनिवार को कैमरे में कैद किया गया है. दरअसल खेत में कुदाल चलाती हुई एक बेटी की तस्वीर उस समाज को आइना दिखा रहा है, जिसकी बेटे व बेटियों में फर्क करने की मानसिकता रही है. बेटी द्वारा खेतों में किया जा रहा मेहनत कोई घंटे-दो घंटे की बात नहीं थी. शनिवार की सुबह से दोपहर तक ये लड़की खेतों में पसीना बहाते दिखी और ना जाने यह सिलसिला कब तक चलता रहा. बहरहाल यह तस्वीरे जिले के बेटियों के लगन व मेहनत की वो दास्तान है, जिसे शब्दों में नहीं ढाला जा सकता है.

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